
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) |
| शुरुआत की तारीख | 1 दिसंबर 2018 |
| आधिकारिक लॉन्च | 24 फरवरी 2019 |
| किसने लॉन्च किया | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
| लॉन्च स्थान | गोरखपुर, उत्तर प्रदेश |
| मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय |
| सालाना सहायता राशि | ₹6,000 प्रति वर्ष |
| एक किस्त की राशि | ₹2,000 |
| किस्तें प्रति वर्ष | 3 (हर 4 महीने में) |
| भुगतान का तरीका | DBT (Direct Benefit Transfer) |
| कुल लाभार्थी (2025) | लगभग 9.7 करोड़ किसान |
| अब तक कुल जारी राशि | ₹3.04 लाख करोड़ से अधिक |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmkisan.gov.in |
| हेल्पलाइन नंबर | 155261 / 011-24300606 |
| 22वीं किस्त | फरवरी – अप्रैल 2026 (संभावित |
पात्रता एक नज़र में (Eligibility Quick Chart)
| पात्र किसान | अपात्र किसान |
|---|---|
| जिनके नाम पर कृषि भूमि हो | परिवार में आयकर दाता हो |
| छोटे, सीमांत सभी किसान | सरकारी नौकरीपेशा परिवार |
| ई-केवाईसी पूरी हो | सांसद / विधायक / मंत्री परिवार |
| आधार बैंक से लिंक हो | ₹10,000+ मासिक पेंशनधारी |
| जमीन के कागजात सही हों | डॉक्टर / इंजीनियर / CA / वकील |
| परिवार में कोई सरकारी पद न हो | खेती की जमीन न हो |
सभी 22 किस्तों का पूरा चार्ट (All Installments Chart)
| किस्त | अवधि | जारी तिथि | लाभार्थी | राशि (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|
| 1वीं | दिसंबर 2018 – मार्च 2019 | फरवरी 2019 | 3.16 करोड़ | 2,021 |
| 2वीं | अप्रैल – जुलाई 2019 | अप्रैल 2019 | 6.63 करोड़ | 8,734 |
| 3वीं | अगस्त – नवंबर 2019 | अगस्त 2019 | 8.77 करोड़ | 17,541 |
| 4वीं | दिसंबर 2019 – मार्च 2020 | जनवरी 2020 | 8.96 करोड़ | 17,920 |
| 5वीं | अप्रैल – जुलाई 2020 | अप्रैल 2020 | 8.69 करोड़ | 17,433 |
| 6वीं | अगस्त – नवंबर 2020 | अगस्त 2020 | 10.22 करोड़ | 20,440 |
| 7वीं | दिसंबर 2020 – मार्च 2021 | दिसंबर 2020 | 10.23 करोड़ | 20,460 |
| 8वीं | अप्रैल – जुलाई 2021 | मई 2021 | 9.50 करोड़ | 19,000 |
| 9वीं | अगस्त – नवंबर 2021 | अगस्त 2021 | 11.18 करोड़ | 20,000 |
| 10वीं | दिसंबर 2021 – मार्च 2022 | जनवरी 2022 | 10.09 करोड़ | 20,667 |
| 11वीं | अप्रैल – जुलाई 2022 | जून 2022 | 10.01 करोड़ | 21,000 |
| 12वीं | अगस्त – नवंबर 2022 | अक्टूबर 2022 | 8.00 करोड़ | 16,000 |
| 13वीं | दिसंबर 2022 – मार्च 2023 | फरवरी 2023 | 8.00 करोड़ | 16,800 |
| 14वीं | अप्रैल – जुलाई 2023 | जुलाई 2023 | 8.50 करोड़ | 17,000 |
| 15वीं | अगस्त – नवंबर 2023 | नवंबर 2023 | 8.00 करोड़ | 18,000 |
| 16वीं | दिसंबर 2023 – मार्च 2024 | फरवरी 2024 | 9.00 करोड़ | 21,000 |
| 17वीं | अप्रैल – जुलाई 2024 | जून 2024 | 9.26 करोड़ | 20,000 |
| 18वीं | अगस्त – नवंबर 2024 | अक्टूबर 2024 | 9.40 करोड़ | 20,000 |
| 19वीं | दिसंबर 2024 – मार्च 2025 | फरवरी 2025 | 9.50 करोड़ | 22,000 |
| 20वीं | अप्रैल – जुलाई 2025 | जून 2025 | 9.60 करोड़ | 22,000 |
| 21वीं | अगस्त – नवंबर 2025 | अक्टूबर 2025 | 9.70 करोड़ | 22,000 |
| 22वीं | दिसंबर 2025 – मार्च 2026 | फरवरी–अप्रैल 2026 | ~9.80 करोड़ | ~22,000 |
pm kisan 22th installment date 2026 – तिथि, पात्रता और स्टेटस चेक करें
भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ आज भी करोड़ों परिवार खेती पर निर्भर हैं। देश की लगभग 58% आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़ी है। इसके बावजूद भारत के अधिकांश किसान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं। बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और कृषि उपकरण की बढ़ती लागत के बीच किसानों की आमदनी स्थिर नहीं रहती। फसल खराब होने पर किसान साहूकारों से कर्ज लेते हैं और कर्ज के दुष्चक्र में फंस जाते हैं।
इसी गंभीर समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की शुरुआत की — ताकि किसान खेती की तैयारी बिना कर्ज के कर सकें और उनकी आर्थिक नींव मजबूत हो सके।
पीएम किसान योजना का इतिहास – यह योजना कैसे और क्यों आई?
योजना की पृष्ठभूमि
2018-19 के बजट से पहले भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र की स्थिति का गहन अध्ययन किया। देश में लगभग 14.5 करोड़ किसान परिवार थे जिनमें से अधिकांश के पास 2 हेक्टेयर (5 एकड़) से कम जमीन थी। इन्हें सीमांत और छोटे किसान कहा जाता है। इनकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि खेती के मौसम में बीज और खाद खरीदने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं होता था।
इसके अलावा कई राज्य सरकारें पहले से ही अपने स्तर पर किसानों को कुछ सहायता दे रही थीं जैसे तेलंगाना में Rythu Bandhu, ओडिशा में KALIA योजना। इन्हीं राज्य योजनाओं की सफलता से प्रेरित होकर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक योजना बनाने का निर्णय लिया।
आधिकारिक शुरुआत
1 दिसंबर 2018 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंजूरी दी। इसके बाद 24 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक विशाल किसान सम्मेलन में इस योजना को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। उस दिन पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में सीधे पैसे ट्रांसफर किए गए।
योजना क्यों लाई गई – मुख्य कारण
किसानों की आर्थिक असुरक्षा सबसे बड़ा कारण था। छोटे किसान रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए हर बार कर्ज लेते थे। बिचौलियों का खात्मा करना भी जरूरी था क्योंकि पहले सरकारी सहायता बिचौलियों के जरिए आती थी जिसमें भ्रष्टाचार होता था। DBT के जरिए सीधे खाते में पैसा भेजने से यह समस्या खत्म हुई। इसके साथ ही किसान आत्महत्याओं की बढ़ती दर को रोकना और ग्रामीण खपत बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना भी इस योजना के पीछे की बड़ी सोच थी।
यह योजना किसके लिए है? – विस्तृत पात्रता जानकारी
पीएम किसान योजना शुरुआत में केवल 2 हेक्टेयर तक की जमीन वाले सीमांत किसानों के लिए थी। लेकिन जून 2019 में इसे सभी किसानों के लिए खोल दिया गया, चाहे उनके पास कितनी भी जमीन हो। आज यह योजना देश के हर उस किसान के लिए है जिसके नाम पर कृषि भूमि है और जो सरकार की शर्तें पूरी करता है।
पात्रता की विस्तृत शर्तें
भूमि स्वामित्व: आवेदक किसान के नाम पर राज्य के राजस्व रिकॉर्ड में कृषि योग्य भूमि दर्ज होनी चाहिए। किराए पर खेती करने वाले या बटाईदार किसान इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं जब तक उनके नाम पर जमीन न हो।
आधार कार्ड अनिवार्य: लाभार्थी के पास आधार कार्ड होना जरूरी है और वह बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। बिना आधार लिंकिंग के किसी भी किसान को किस्त नहीं मिलेगी।
ई-केवाईसी अनिवार्य: 2022 से सरकार ने ई-केवाईसी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है उनकी किस्त रोक दी गई है।
बैंक खाता: किसान का बैंक खाता आधार से लिंक और DBT-सक्षम होना चाहिए।
पारिवारिक पात्रता: परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चों को एक इकाई माना जाता है। परिवार की तरफ से केवल एक ही किसान को लाभ मिलता है
22वीं किस्त 2026 – कब आएगी और क्या है ताजा अपडेट?
पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त अक्टूबर 2025 में जारी हुई थी। इस पैटर्न के अनुसार 22वीं किस्त फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच आने की प्रबल संभावना है। सरकार हर बार किस्त जारी करने से पहले एक बड़े किसान सम्मेलन का आयोजन करती है और प्रधानमंत्री द्वारा एक बटन दबाकर करोड़ों किसानों के खाते में एक साथ पैसा ट्रांसफर किया जाता है।
22वीं किस्त के लिए जरूरी तैयारी
जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है वे तुरंत pmkisan.gov.in पर जाकर या नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर यह काम करवाएं। जिन किसानों के बैंक खाते बदल गए हैं या जिन्होंने नया खाता खुलवाया है वे pmkisan.gov.in पर जाकर खाता अपडेट करें। जिनके जमीन के कागजात में कोई बदलाव हुआ है जैसे जमीन की बिक्री, बंटवारा या नामांतरण, वे कृषि विभाग में जाकर रिकॉर्ड अपडेट करवाएं।
Step-by-Step – लाभार्थी स्टेटस कैसे चेक करें?
Step 1: अपने मोबाइल या कंप्यूटर में कोई भी ब्राउजर खोलें — Chrome, Firefox या Safari।
Step 2: सर्च बार में टाइप करें pmkisan.gov.in और Enter दबाएं।
Step 3: वेबसाइट का होमपेज खुलेगा। ऊपर मेन्यू में या बीच में “Farmers Corner” सेक्शन दिखेगा।
Step 4: Farmers Corner में “Beneficiary Status” लिंक पर क्लिक करें।
Step 5: नया पेज खुलेगा जहाँ आपसे तीन में से एक चीज़ माँगी जाएगी — रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर, या मोबाइल नंबर। इनमें से कोई एक दर्ज करें।
Step 6: “Get Data” बटन दबाएं।
Step 7: आपकी सभी किस्तों की पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें दिखेगा कि कितनी किस्तें मिलीं, कितनी रुकीं, कारण क्या है और अगली किस्त का स्टेटस क्या है।
Step 8: अगर “Payment Sent to Bank” लिखा हो तो पैसा रास्ते में है। अगर “Pending for Approval” हो तो दस्तावेज अधूरे हैं।
ई-केवाईसी कैसे करें – OTP और बायोमेट्रिक दोनों तरीके
तरीका 1 – OTP से ऑनलाइन ई-केवाईसी (घर बैठे)
Step 1: pmkisan.gov.in खोलें और Farmers Corner में “eKYC” पर क्लिक करें।
Step 2: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
Step 3: “Get OTP” दबाएं — आधार से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का OTP आएगा।
Step 4: OTP दर्ज करें और “Submit for Auth” दबाएं।
Step 5: ई-केवाईसी सफलतापूर्वक हो जाएगी और स्क्रीन पर confirmation दिखेगा।
ध्यान दें: यह तरीका तभी काम करेगा जब आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो।
तरीका 2 – बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (CSC केंद्र पर जाकर)
अगर आधार से मोबाइल लिंक नहीं है तो नजदीकी CSC (Common Service Centre) पर जाएं। वहां आधार कार्ड और पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर लेकर जाएं। CSC ऑपरेटर फिंगरप्रिंट स्कैनर से आपकी बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करेगा। यह प्रक्रिया 5-10 मिनट में पूरी हो जाती है।
किस्त नहीं आई तो क्या करें? – पूरा समाधान
समस्या 1 – ई-केवाईसी नहीं हुई
समाधान: तुरंत pmkisan.gov.in पर OTP से या CSC केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी पूरी कराएं।
समस्या 2 – आधार बैंक से लिंक नहीं
समाधान: अपने बैंक की शाखा में जाएं, आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर। बैंक कर्मचारी आधार लिंकिंग करेंगे। इसके बाद 2-3 दिन में अपडेट हो जाता है।
समस्या 3 – बैंक खाता बंद हो गया या बदल गया
समाधान: pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में “Edit Aadhaar Failure Records” या “Update Self Registered Farmer” में जाकर नया बैंक खाता अपडेट करें।
समस्या 4 – जमीन के कागजात में गड़बड़ी
समाधान: अपने तहसील या पटवारी के पास जाएं। जमीन का खसरा-खतौनी अपडेट कराएं।
समस्या 5 – नाम या जानकारी गलत है
समाधान: नजदीकी CSC केंद्र पर जाएं और Correction Request डलवाएं।
संपर्क करने के तरीके
| माध्यम | जानकारी |
|---|---|
| हेल्पलाइन नंबर 1 | 155261 |
| हेल्पलाइन नंबर 2 | 011-24300606 |
| ईमेल | pmkisan-ict@gov.in |
| ऑनलाइन शिकायत | pmkisan.gov.in → Farmers Corner → Help Desk |
| नजदीकी CSC | csc.gov.in पर लोकेट करें |
| कृषि विभाग | जिले का कृषि कार्यालय |
पीएम किसान PDF और जानकारी – कहाँ से डाउनलोड करें?
| वेबसाइट | क्या मिलेगा | लिंक |
|---|---|---|
| पीएम किसान पोर्टल | स्टेटस, ई-केवाईसी, लाभार्थी सूची, शिकायत | pmkisan.gov.in |
| कृषि मंत्रालय | सरकारी गाइडलाइन, नोटिफिकेशन PDF | agriculture.gov.in |
| डिजिलॉकर | किसान क्रेडिट कार्ड, आधार, डिजिटल दस्तावेज | digilocker.gov.in |
| MyGov | सरकारी योजनाओं की जानकारी | mygov.in |
| CSC Digital Seva | ऑफलाइन फॉर्म, सहायता | csc.gov.in |
| India.gov.in | केंद्र सरकार की सभी योजनाएं | india.gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. पीएम किसान में नया रजिस्ट्रेशन कैसे होता है? pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में “New Farmer Registration” पर क्लिक करें। आधार नंबर, मोबाइल नंबर, राज्य, जमीन की जानकारी और बैंक डिटेल भरें। सत्यापन के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा।
Q2. क्या एक परिवार में एक से ज्यादा किसान लाभ ले सकते हैं? नहीं। एक परिवार (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) में से केवल एक ही व्यक्ति लाभार्थी हो सकता है।
Q3. पैसा कितने दिन में खाते में आता है? एक बार किस्त जारी होने के बाद सामान्यतः 2 से 5 कार्य दिवसों में पैसा खाते में पहुंच जाता है।
Q4. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और पीएम किसान में क्या संबंध है? पीएम किसान लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड के लिए प्राथमिकता दी जाती है। KCC से किसान खेती के लिए सस्ते ब्याज पर लोन ले सकते हैं।
Q5. क्या बटाईदार या किराएदार किसान पात्र हैं? नहीं। जिन किसानों के नाम पर जमीन नहीं है वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।
Q6. ई-केवाईसी की अंतिम तारीख कब है? सरकार समय-समय पर ई-केवाईसी की डेडलाइन बढ़ाती रहती है। किस्त मिलती रहे इसके लिए जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी कर लेना उचित है।
निष्कर्ष – जरूर करें ये 5 काम
1. ई-केवाईसी: अगर नहीं हुई है तो आज ही pmkisan.gov.in पर करें। 2. आधार लिंकिंग: बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं यह चेक करें। 3. स्टेटस चेक: pmkisan.gov.in पर अपना Beneficiary Status देखें। 4. जानकारी अपडेट: मोबाइल नंबर, बैंक खाता या पता बदला हो तो पोर्टल पर अपडेट करें। 5. जागरूक रहें: pmkisan.gov.in पर नियमित रूप से 22वीं किस्त का अपडेट चेक करते रहें।
पीएम किसान योजना देश के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। अब तक ₹3 लाख करोड़ से अधिक सीधे किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं। 22वीं किस्त का लाभ उठाने के लिए अपनी सभी जानकारी समय पर अपडेट रखें और जागरूक रहें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सरकारी स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। 22वीं किस्त की अंतिम तिथि की पुष्टि के लिए केवल pmkisan.gov.in पर जाएं।